Mathematics

Sigma Edu Labs – Navigation & Quick Actions

Teaching Aspirants Portal

उत्तर प्रदेश प्राथमिक सहायक अध्यापक (Super TET) और UPTET परीक्षाओं में गणित विषय का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। नवीनतम पैटर्न के अनुसार, Super TET (UP PRT) में गणित से 16 प्रश्न (48 अंक) पूछे जाते हैं, जबकि UPTET (Paper 1 – प्राथमिक स्तर) में गणित से 30 प्रश्न (30 अंक) आते हैं। इन दोनों परीक्षाओं के लिए गणित के सबसे अधिक पूछे जाने वाले और महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:

1. संख्या पद्धति एवं मूल संक्रियाएँ (Number System & Basic Operations)

यह दोनों परीक्षाओं का सबसे बुनियादी और स्कोरिंग हिस्सा है।

  • अंकों और संख्याओं का ज्ञान (Numbers): संख्याओं का वर्गीकरण, अभाज्य/भाज्य संख्याएं, और स्थानीय एवं जातीय मान।
  • मूल संक्रियाएँ (Core Operations): जोड़, घटाना, गुणा और भाग से संबंधित शाब्दिक प्रश्न (Word problems)।
  • भिन्न और दशमलव (Fractions and Decimals): भिन्नों की तुलना, समतुल्य भिन्न, उनका जोड़-घटाना, और दशमलव संख्याओं का निरूपण।
  • लासा और मासा (LCM and HCF): लघुत्तम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्तक पर आधारित व्यावहारिक अनुप्रयोग।

2. अंकगणित (Arithmetic)

परीक्षा में सबसे अधिक प्रश्न इसी खंड से पूछे जाते हैं, जो गणना और वैचारिक समझ पर आधारित होते हैं।

  • प्रतिशत (Percentage): प्रतिशत निकालना, तथा प्रतिशत वृद्धि या कमी पर आधारित प्रश्न।
  • लाभ और हानि (Profit and Loss): क्रय मूल्य, विक्रय मूल्य, और लाभ/हानि प्रतिशत की गणना।
  • ब्याज (Interest): मुख्य रूप से साधारण ब्याज (Simple Interest) से जुड़े प्रश्न।
  • समय और दूरी (Time and Distance): चाल, दूरी और समय के बीच संबंध।
  • ऐकिक नियम (Unitary Method) और औसत: दैनिक जीवन पर आधारित गणनाएँ और राशियों का औसत।

3. ज्यामिति और क्षेत्रमिति (Geometry and Measurement)

प्राथमिक स्तर पर आकृतियों की समझ और उनके मापन से जुड़े प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं।

  • ज्यामिति (Geometry): विभिन्न 2D और 3D आकृतियों की पहचान, कोण (Angles), त्रिभुज (Triangles) और वृत्त (Circles) के मूलभूत सिद्धांत।
  • क्षेत्रमिति (Mensuration): आयत, वर्ग, और अन्य सामान्य आकृतियों का परिमाप (Perimeter) तथा क्षेत्रफल (Area)।
  • आयतन और धारिता (Volume & Capacity): बेलन, घन और घनाभ का आयतन।
  • मापन प्रणाली (Measurement): लंबाई, वजन, तापमान और समय का मापन, तथा कैलेंडर व धन (Money) से संबंधित प्रश्न।

4. सांख्यिकी एवं आंकड़ों का प्रबंधन (Data Handling)

  • आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण और व्याख्या (Data Presentation and Interpretation): सारणी, दंड आरेख (Bar graphs), और पाई चार्ट (Pie charts) को पढ़ना और उनसे निष्कर्ष निकालना।

5. गणितीय शिक्षणशास्त्र (Pedagogical Issues – विशेष रूप से UPTET के लिए)

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में गणित की पेडागोजी से संबंधित प्रश्न अनिवार्य होते हैं, जो यह जांचते हैं कि आप बच्चों को गणित कैसे पढ़ाएंगे।

  • गणितीय सोच की प्रकृति (Nature of mathematical thinking): बच्चों में तार्किक चिंतन का विकास कैसे होता है।
  • पाठ्यक्रम में गणित (Place of mathematics in curriculum): प्राथमिक स्तर पर गणित पढ़ाने का उद्देश्य और महत्व।
  • गणित की भाषा (Mathematical language) और सामुदायिक गणित (Community mathematics):।
  • मूल्यांकन और त्रुटि विश्लेषण: बच्चों द्वारा की जाने वाली गलतियों का विश्लेषण (Error analysis), तथा निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण (Diagnostic and remedial teaching) की विधियां।